नीति आयोग की एक अधिकारी ने कहा है कि 2024-25 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य कुछ अधिक ही महत्वाकांक्षी लगता है. उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य तय करने का मकसद देश के आर्थिक प्रदर्शन के मानदंडों को ऊंचा करना है.
नीति आयोग में वित्तीय समावेश पर गठित समिति की चेयरपर्सन बिंदु डालमिया ने कहा, 'फिलहाल 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य एक मंशा है जो कुछ ज्यादा महत्वाकांक्षी लगता है.' उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि भारत फिलहाल 5-6 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर के दायरे में 'फंसा' है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, डालमिया ने कहा कि 2024 तक 5 ट्रिलियन डॉलर या 2030 तक 10 ट्रिलियन डॉलर डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल करने के लिये देश को अगले 10 साल तक बाजार मूल्य पर सालाना 11.5 फीसदी की दर से तथा वास्तविक आधार पर 7.5 फीसदी की दर से वृद्धि हासिल करनी होगी.
फिलहाल भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार 2.9 ट्रिलियन (लाख करोड़) डॉलर है. उन्होंने कहा, 'मौजूदा स्तर से वास्तविक आधार पर करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि दर असंभव नहीं है, लेकिन इसे हासिल करना आसान भी नहीं है.'
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2019-20 का बजट भाषण देते हुए कई बार देश को अगले पांच साल में 'फाइव ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' यानी 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की बात कही. इसके अगले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भी इसी को देश का बड़ा लक्ष्य बताया.
अमेरिका, चीन सहित कई देश काफी कम समय में यह लक्ष्य हासिल कर चुके हैं. लेकिन भारत के लिए इस लक्ष्य तक पहुंचना आसान नहीं लगता. अमेरिका को 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनने में नौ साल (1979 से 1988) लग गए, जापान को आठ साल (1987 से 1984) और चीन को महज तीन साल (2005 से 2008) लगे थे.